Thursday, July 29, 2021

श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी स्वाध्याय मंडल

श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी स्वाध्याय मंडल। देश की प्रथम बैठक ऑनलाइन सोमवार 26 जुलाई 21 को हुई। इसमें श्री राजकुमार जी भाटिया, महेश शर्मा, कुलदीप रतनू,  सजी नारायण जी और बालाशंकर, सतीश जी, अजय पत्की व  डॉ रणजीत सिंह उपस्थित रहे। 
कार्यक्रम एक घंटा चला। संचालन डॉ रंजीत सिंह ने किया और सबसे पहले श्री महेश शर्मा जी ने अवधि के बारे में बताया की पाक्षिक और जिसमें केवल ठेंगड़ी जी के विषयों पर भी विचार हो । समसामयिक विषयों को लेकर चर्चा करने के लिए बहुत लोग हैं और बहुत से मंच हैं। उनकी एक-एक पुस्तक की चर्चा हो सकती है.  सब सदस्य भी पढ़ कर के आए और एक विशेष व्यक्ति जो इस पर अच्छा अध्ययन रखता है वह लिखे रखी और बाद में चर्चा हो। डॉक्टर राजकुमार भाटिया ने कहा कि पुस्तकों के अतिरिक्त दत्तोपंत जी के कोई चुने हुए 50 विषयों पर क्या विचार थे उनका संकलन किया जाए और विषय अनुसार चर्चा हो। उदाहरण के लिए हिंदू अर्थशास्त्र यह एक विषय हो सकता है। तत्पश्चात और बाला शंकर जी ने अजय पतकी जी ने सतीश कुमार जी ने व छिटपुट अन्य लोगों ने रखें। मैंने सब की बात सुनने के बाद मासिक बैठक को ऐसा आग्रह किया और अगली तिथि 27 अगस्त और विषय पर्यावरण रहेगा। सब की बातों को सुनने के बाद पांच विषय निर्धारित किए गए जो इस मंडल के काम करने की परिधि में आएंगे। 

संगठनात्मक ढांचा: पहला काम कि यह है स्वदेशी जागरण मंच का एक प्रकोष्ठ है और इसका मार्गदर्शन अजय पतकी जी और संचालन डॉक्टर रणजीत सिंह जी करेंगे। 
पांच विषयों में 
1. प्रथम ठेंगड़ी जीके विचारधन में  जो प्राप्त है उसको ठीक से छपवाना और जो अभी प्राप्त नहीं है उसको ढूंढना लिखना लिखना ना। सामान्यतः यह काम dbthengadi.in में रहेगा। इस वेबसाइट को लोकप्रिय करना एक महत्वपूर्ण काम होगा।
2. दूसरा विषय जैसा राजकुमार भाटिया जी ने कहा है कुछ  कुछ ऐसे विषय चुननाऔर ठेंगड़ी जी ने उस विषय पर क्या लिखा है कहां कहां लिखा है,  ऐसा संग्रह  करना। उदाहरण के लिये "हिन्दू अर्थशास्त्र" इस पर ठेंगड़ी जी ने क्या कहा है, कब कब कहा है, यह एक विषय है।
3. तात्कालिक विषयों पर ठेंगड़ी उवाच:  कोई समाज में बहस चल रही हो तो उस समय ठेंगड़ी जीके तत्सम विचारों को समाज में लाना। 
4. चौथा काम ठेंगड़ी जी के विचारों को विश्वविद्यालय आदि व बौद्धिक जगत में उचित रिकॉग्निशन मिले ताकि आने वाली पीढ़ी उसको सही परिपेक्ष में समझ सके। उसके लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों में दत्तोपंत ठेंगड़ी चेयर, स्टडी सेंटर खुलवाना। अपने विद्वान लोग युवाओं को ठेंगड़ी जी के विषय में पीएचडी एवं एम फिल व रिसर्च करने के लिए प्रोत्साहित करना। 
5. पांचवा काम कार्यकर्ताओं को विचारों से अवगत कराना और प्रशिक्षित कराना। वर्ष भर के काल क्रम में कुछ दिन ठेंगड़ी जी के नाम पर मनाना। इसके लिए सामग्री आदि और प्रेरणा देने का काम यह मंडल करेगा परंतु उसका क्रियान्वित पक्ष और समय निर्धारण का विविध संगठन करेंगे। 
मोटा मोटा कहे तो यह मंडल कैटेलिटिक भूमिका में रहेगा। विचारात्मक, व सुझावात्मक ज्यादा होगा। 
आज 24 मई 22 को समीक्षा बैठक हुई। महेश जी,पर्यावरण पर था। जज। दादा इदाते, दीन दयाल पर महेश जी शर्मा, दो अशोक मोडक। एक और वक्त रहे।  राजकुमार भाटिया पूरी रूचि लेते हैं। महेश शर्मा ने तीन पुस्तकों को ठीक करवाया।