Sunday, March 21, 2021

विविध क्षेत्रों की समूह रचना

विविध क्षेत्रों की समूह रचना:  सामाजिक समूह: 8, शिक्षा 6, सेवा 7, आर्थिक 6, वैचारिक 6, सुरक्षा 3 योग 36 कुल हैं। 

प्रथम समूह Saamajika Samuh
1. Vanavasi Kalyan Ashram वनवासी कल्याण
Committed towards upliftment of Vanavasis
2. Vishwa Hindu Parishad
Dharmo Rakshathi Rakshithaha

3. Bharatiya Janata Party
The World’s Largest Political Party

4. Rashtriya Sikh Sangat
India-based Sikh affiliate of the RSS
5. Rashtra Sevika Samiti
Tejaswi Rashtraka Punarnirmaan
6. Vishwa Vibhag
Hindu Swayamsevak Sangh

7. Mahila Samanvaya
Empowering Women

8. Kreeda Bharati
FIT INDIA – HIT INDIA

द्वितीय :Shiksha Samuh

1. Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad
India's largest student organization

2. Vidya Bharati
Sa Vidya Ya Vimuktaye

3. Bhartiya Shikshan Mandal
National Resurgence in Education

4. Akhila Bharatiya Shaikshik Mahasangh
Rashtra Ke Hit Mein Shiksha

5. Samskrita Bharati
Mama Mathrubhasha Samskritham

6. Shiksha Samskruthi Uthan Nyas
Shiksha Evam Samskrithi

तीसरा Seva Samuh

1. Seva Samiti

2. SAKSHAM
SAmadrishi KSHamata Anusandhan Mandal
3. Arogya Bharthi
Healthy Family Healthy Nation.

4. National Medicos Organisation (NMO)
Swasthya Sewa se Rashtra Sewa

5.Bharat Vikas Parishad
Swasth – Samarth – Sanskarit Bharath
6. Deendayal Shodh Samsthan
Swavlamban, self-reliance is the key.
7. Rashtriya Sewa Bharati
Jagaran Sahyog Prashiksan Adhyayan

चौथा समूह आर्थिक
Arthika Samuh

1. Bharatiya Kisan Sangh
Farmers are the Integral Part of Nation

2. Bharatiya Mazdoor Sangh
Nationalize the Labour
3. Swadeshi Jagran Manch
Swadeshi, Swabhimaan, Swavalamban
4. Sahakar Bharati
Working for strengthening of Co-op
5. Grahak Panchayat
Grahak Hitay, Grahak Sukhay
6. Laghu Udyog Bharathi
Empowering Micro & Small Enterprise

पंचम समूह वैचारिक,वVaicharika Samuh
1. Samsakara Bharathi
PROMOTING CULTURE AND PATRIOTISM
2. Akhila Bharatiya Sahithya Parishad
Sathyam Shivam Sundaram
3. Akhil Bharatiya Adhivakta Parishad
Nyay, Mama Dharmaha
4. Prajna Pravah
Gnanam Vignana Sahitham

5. Vijnana Bharati
Development of Swadeshi Sciences
6. Akhil Bharatiya Itihas Sankalan Yojana
Infusing a sense of Pride & Patriotism

छटा समूह सुरक्षा

Suraksha Samuh

1. Akhil Bhartiya Poorva Sainik
Seva – Sahas - Samman

2  Hindu Jagran Manch
Samarthya – Gourav - Veertha

3. Seema Jagran Manch
Surakshith Seema – Samarth Bharat





Thursday, January 14, 2021

current economy data

1.-Now petrol cess collections Rs 2.6 lakh crore a year. It was meant to end toll. NHAI spends mere Rs 6000 crore. शिवजी sarkar

इस ब्लॉग के बारे में

इसका ऑफिशियल नाम kashmirilalsjm. blogspot. Com है। 
2.  इसमें मुख्यता जो अपने 10 बिंदु है उन पर सामग्री रहेगी और यह सबसे अंतिम ब्लॉग है। क्रमांक 3 इस इसमें 10 बिंदु इस प्रकार से हैं
1. एक आप विकास 
2. दो अपना गट,
3.  आगामी कार्यक्रम व पिछली समीक्षा
 4 माइक्रो फाइनेंस में मेला 
5 अपने कार्यालय सटा से
 6. 50 के लगभग जो प्रान्त केंद्र, व विदेशी इकाइयां है।  है 
7. सातवां अपने 100 तक पूर्णकालिक व कार्यकर्ता 
8. आठवां रिसर्च 
9. नोवा युवा 
10. अपना क्षेत्र का विकास।

रिसर्च Research

रिसर्च
मुख्य बिंदु :
1. देशभर में चलने वाले रिसर्च सेंटर्स को देखना
2. ऐसे व्यक्तियों को  ढूंढना  जो रिसर्च कर रहे हैं  चाहे वह कहीं भी रहते हैं  उनको दायित्व देना  और उनके साथ  यहां से किसी को रिसर्च कर के नाते लगाना है ।  तीसरा जगह जगह  प्रकोष्ठ होला  खोलना  और  उनके समय-समय पर प्रस्तुति करवाना  चौथा  मास में एक बार हर प्रकोष्ठ की ऑनलाइन  गोष्टी करवाना है । 
1. 13.1.21 को श्री भगवती जी को मिले और उन्होंने आईसीएसआर का एक प्राइवेट रिसर्च सेंटर जयपुर में एक आईएएस ऑफीसर चलाते हैं वह देखने को कहा प्रोग्राम। और साथ ही मेहरोत्रा जी से बात करके अन्य दिल्ली स्थित रिसर्च सेंटर के देखने के लिए भी कहा। इसी प्रकार विभिन्न विश्वविद्यालय से एमओयू साइन करना और धीरे-धीरे उनके यहां क्या रिसर्च हो रही है उस को प्रभावित करना और उसके लिए अपने यहां भी एक व्यक्ति को बिठाना जो इन विषयों को सुमित आ जाए देखता जाए। क्रमांक 2 आज एक राज्यसभा सांसद श्री अश्विनी वैष्णव को मिलना हुआ जो राजस्थान से सांसद चुने गए हैं नहीं उड़ीसा से चुने गए हैं पुराने आईएएस ऑफीसर है एंट्री प्लस हैं देश विदेश से पढ़े हैं और कानपुर के आईआईटीएम है। पिछले 800 सालों में उन्होंने अपनी अर्थशास्त्र पर अच्छी पकड़ बनाई है और अर्थव्यवस्था कैसे आगे बढ़े रोजगार कैसे मिले इस पर फोर्स अध्ययन किया है। उनका सुंदरम जी के माध्यम से मिलना हुआ। क्रमांक 3 आज ही चौपाल कार्यालय पर बैठना हुआ विजय गोयल जी व प्रदीप चौहान जी के साथ और साप्ताहिक उनका अपना प्रेजेंटेशन चलें मार्च में किसी एक प्रमुख व्यक्ति का प्रेजेंटेशन हो तथा जो भी बात उसने प्रकट करने हो पहले लिख कर के भेजे हैं। बाद में सुशील पंचाल के घर गए मनोज जी से बात हुई वाह स्वाति रविंद्र सोलंकी गए थे उनसे भी इस विषय पर बातचीत हुई। जल्दी ही यानी 7 फरवरी को या उसके आसपास मुरली जी के साथ मिलकर एक चौपाल की बैठक बुला ली जाए और आगे की दशा दिशा तय की जाए।2 जो जो काम हमने रिसर्च के सोचे हैं उनमें से एक बार एक काम मेरे को लगता है यह जहां जहां भी मैं बोलता हूं या लिखता हूं उस पर गहरी रिसर्च हो रही है। ऐसा अच्छे भाषण करता हूं उसे या मोटिवेशनल स्पीकर से मैंने सुना है कि उनके पीछे एक सपोर्ट ऑफिस होता है जो उनकी स्पीच इसका विश्लेषण करता है नए उदाहरण देता है समय कहां व्यर्थ हुआ ऐसा बताता है। एक काम कीजिए हो ही सकता है। दूसरा काम सर्वे का हो सकता है कि हम अपने डाटा में से अपने लोगों से 1000, 2000, 5000 जो भी हैं उनका डाटा बैंक हमारे पास है उससे कोई सर्वे कराना उनकी राय जानना है उनके सुझाव देना और उनके क्षेत्र में क्या हो रहा है उधर ही रहो। तीसरा जो जो भी आंदोलन या तात्कालिक विषय आते हैं उस पर जानकारी एकत्र करना यथा अभी ऑनलाइन का चल रहा है इस पर नीचे का फीडबैक देना कौन-कौन जन नेता इस काम में लगे हैं आदि पता करना है इस गांव के अंदर हर प्रांत के विचार विभाग प्रमुख प्रचार प्रमुख आदि को लगाया जा सकता है। इसी प्रकार से जो अपने 1520 टॉपिक हमने कट्ठे किए हैं उनके बारे में भी नवीनीकरण करते रहना यथा हमारे स्वदेशी विकास की अवधारणा जिस पर कोई यूट्यूब निकालना है इस पर कोई अच्छा सा प्रेजेंटेशन तैयार करना है और इसको किस प्रकार कालों में बांटा जा सकता है इस पर विचार करना। फिर इस पर सर्वे करना कि हमारे देश के लोग क्या सोचते हैं संघ के लोग किसको सोचते हैं किसान संघ के बिछड़े हुए 50 कार्यकर्ताओं से बातचीत हो सकती है क्षेत्रों से बात हो सकती है और समाज भी कुछ जानता है या नहीं इसका भी विश्लेषण हो सकता है। कभी-कभी ऐसा लगता है यह काम तीसरी की सूची का नहीं है और हो सकता है उन्होंने किसी और दृष्टि से उसको देखा मैंने और दृष्टि से देखा इसलिए और चर्चा करके इस को आगे बढ़ाया जा सकता है। परंतु एक दूसरा विषय भी है के हो सकते हैं उनको लगता है कि वर्तमान टीम उनके पास है वह मात्र इतना ही कर सकती है इससे ज्यादा नहीं कर सकती है क्योंकि उसके बारे में वह अच्छी तरह जानते हैं तो क्या करना प्रश्नवाचक चिन्ह। ऐसे में कुछ नए लोग खड़े करना और इस काम के अंदर सुरेंद्र जी भी सहायक हो सकते हैं अजय उपाध्याय जी भी सहायक हो सकते हैं मनोहर शरण जी दुबे जी जैसे कितने ही लोग हैं जो इस विषय पर सहायक हो सकते हैं उन सब का भी सहयोग लेना। हर दृष्टि से पहला काम स्वयं ही करना होगा और अपने आसपास इस किस्म का ग्रुप खड़ा करना होगा। अभी इस 17 तारीख को डॉक्टर सुरेंद्र जी ने कुछ लोगों को इकट्ठा किया है। उनका कितना योगदान हो सकता है इस विषय पर इसका आचरण करना। अभी तक के इस दृष्टि से सोचेंगे बिंदु क्रमांक 1 एक कॉपी में मैंने जो जो विषय स्वदेशी के हो सकते हैं और परमानेंट हैं वह लिखे हुए क्रमांक 2 वीके कॉल जी ने इस विषय पर कुछ बिंदु तैयार किए थे शायद 22 बिंदु हैं उन पर संकलन करना। एक पुस्तिका जो पहले से अभ्युदय नाम से छपी है उसका अध्ययन करना और उस को आगे बढ़ाने का काम करना है। जो जो साहित्य पहले छपा है उसका नवीनीकरण करने का काम कर रहा है यथा भगवती जी का साहित्य और अभी जो लेटेस्ट पुस्तक छपी है उसमें काफी सारी अशुद्धियां हैं विशेष रूप से आंकड़ों की उसका अध्ययन करना और यह काम श्री चंद्र प्रकाश जी अच्छी तरह कर सकते हैं।

अप्रैल 21

माननीय भगवती जी के घर गए थे और उनका विचार था कि हमको 30 40 विशेष सिलेक्ट करके और उनके बारे में तीन चार व्यक्तियों की टीम बनाकर अभी से  काम कर देना शुरू चाहिए। इससे पहले विजय कौल जी ने लगभग 25 विषयों की सूची बनाई थी और यह सूची मैंने भगवती जी को भी दिखाई थी और मेरे पास अभी भी वह भी के लिखे हुए हैं बस उन पर टीम बनाना अति आवश्यक है। आज दिनांक 3 को अप्रैल को प्रवासी भवन में सीए से मिला और उन्होंने संकेत किया कीजिए सब काम मुझे ही करना चाहिए और महीने में 20 दिन यहां रह कर के कोडी डेट करना चाहिए फुल नाम तभी कुछ रिसर्च वर्क का लाभ होगा। श्री आंखें बारे में कहां की हो अच्छे ढंग से सरकारी लोगों से नहीं मिलते तो उन्होंने कहा कि आपको स्वयं मिलना चाहिए संबंध स्थापित करने चाहिए और नई-नई जानकारियां इकट्ठी करके फिर जिसको जहां भेजना है यह काम वैसा करना चाहिए। अपने साथी को महीने में 25 दिन प्रवास के लिए भेजो और आप आठ 10 दिन प्रवास बाकी समय यहां लगा कर के इन कामों पर कोऑर्डिनेटर करिए। आपका एक्सपोर्टर हो चुका है उनका करवाना चाहिए। मैंने जो कल्पना रखी उसमें यह था की अलग-अलग जगह पर जब प्रवास करते हैं तो वहां के लोगों की समस्याएं सुनते हैं वह कुछ साहित्य भी देते हैं परंतु उस पर कोई काम करने वाली टीम यहां नहीं होती है इसलिए कोई अनुवर्तन नहीं हो पाता। श्री आ का कहना है की मैं बहुत पहले से ही कहता आया हूं की रिसर्च की बहुत आवश्यक है और प्राइमरी डाटा हर चीज का अपने पास अपने माध्यम से आना चाहिए तभी कुछ बातचीत करने का लाभ दूसरे पक्षों से होता है।।

Tuesday, March 3, 2020

हेडगेवारजी और स्वदेशी

डॉ हेडगेवार और स्वदेशी भाव



हमें पता होना चाहिए कि स्वदेशी की अवधारणा को एक नई बात नहीं है, और केवल स्वदेशी जागरण मंच को ही नागपुर में 1991 में शुरू किया , न की स्वदेश भाव को, और वो तो बहुत पहले से ही है। यह तो डॉ हेडगेवार जी ने लोकमान्य तिलक से प्रेरणा पाकर ले लिया था । महात्मा गांधी ने बाद में इसे करने के लिए एक बहुत बड़ा बढ़ावा दिया था, और बाबु गेनू ने तो अपना बलिदान ही स्वदेशी के लिए दे दिया, जिसके पीछे महात्मा गाँधी जी की प्रेरणा रही है। इस लिए स्वदेशी तो डॉ। हेडगेवार के समय से लगातार स्वयंसेवकों के लिए एक व्यावहारिक बात बनी हुई है।



1. डा. हेडगेवार और स्वदेशी: एक या दो उदाहरण पुस्तक में दी गई हैं Rashtraya नमः ख Moreshwar गणेश Tapasvi, जिसमें कहा गया है वह है कि यह बहुत पहले से है कि डॉ. Hedgewar इस पर जोर दिया. लेकिन मुख्य सामग्री में हैं 'पुस्तक संघ कार्यपद्धति"का विकास' एन एच Vanhadpande, एक पुस्तक है जो भारत भर में द्वितीय वर्ष संघ शिक्षा वार्गा के लिए जा रहा स्वयंसेवकों के लिए निर्धारित है द्वारा विकास,. 81 पेज पर शीर्षक और संक्षिप्त "स्वदेशी का व्रत" की अवधारणा illustrates.
2. खादी और संघ: उन दिनों जब यह स्वदेशी के लिए एक सनक है, किसी भी karyakarta जो कहते हैं कि मैं संघ न केवल खादी लेकिन खादी बुना द्वारा उसे उच्च सम्मान में आयोजित किया गया वर्दी पहनने का इस्तेमाल किया गया में. उस समय स्वदेशी की अवधारणा को इतना लोकप्रिय है कि आमतौर पर मुख्य अतिथि सूती धागे की माला चरखा पर घर पर तैयार के साथ सम्मानित किया गया था. भावुक युवकों जबकि चीनी जो मॉरीशस से लाया गया था छोड़ दिया. चीनी जो कानपुर में तैयार किया गया था और मिर्जापुर कुछ हद तक एक पीले रंग छाया था, फिर भी यह कुछ लोगों द्वारा पसंद किया गया था. एक महल के पास Kelibagh रोड, आरएसएस के एक प्रश्न के लिखित बोर्ड के साथ मुख्यालय पर स्थित दुकान: स्वदेशी सुगर की Ambekar किराना भंडार ग्राहकों से भरा था, और दुकान में अधिक से अधिक ग्राहकों को आकर्षित किया गया था. कई सवालों के स्वयंसेवकों के मन अड्डा का उपयोग करें: क्या केवल खादी वर्दी, चाय, जो विदेशी मूल की है पूरी तरह से छोड़ दिया जाना चाहिए या नहीं और अन्य बातों के लिए चश्मा छोड़ दिया है या नहीं के रूप में इस्तेमाल हो सकता है, आदि डॉ. Hedgewar सभी स्वयंसेवकों के विचारों को सुना, और यह बाईं के लिए पूर्ण चर्चा अगले ही दिन.
3. बातें जो स्वदेशी उत्पादन नहीं किया गया: आवश्यकता के रूप में स्वीकार्य और विलासिता के रूप में नहीं, क्योंकि वहाँ अगले दिन के विचार विमर्श में स्वदेशी उत्पादों के प्रयोग पर पूर्ण सहमति थी, लेकिन महत्वपूर्ण सवाल निजी इस्तेमाल के लिए खुद को तैयार खादी का उपयोग किया गया था , और डॉ. साहिब में इस बिंदु पर सभी की राय से पूछा. अंत में निष्कर्ष था कि यह असंभव था के लिए सभी को उसके द्वारा तैयार कपड़े, इसलिए स्वदेशी कारखानों और मिलों के कपड़े भी आवश्यक है पहनने के लिए. लेकिन हम स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए एक आदेश पारित नहीं करना चाहिए, लेकिन यह हमारी आदत हो जाना चाहिए. अगले दिन चर्चा अन्य बातों के लिए चश्मा, जो विदेशी देशों, कलाई घड़ियों और चक्र जो भी है कि समय पर आयात किया गया से लाया गया लेंस की तरह, शुरू कर दिया. के रूप में मोटरसाइकिल और स्कूटर शायद ही कभी स्वयंसेवकों द्वारा प्रयोग किया गया है, इसलिए इन बातों को नहीं जांच के दायरे में आ गया. अंततः यह निर्णय लिया गया कि वहाँ के रूप में उपरोक्त तीन बातों में, ऐनक, देखता है और चक्र कोई कारखानों थे, और यह भी सही है कि प्रयास करने के लिए हमारे देश में तीन कारखानों शुरू किया जाना चाहिए, लेकिन समय से वहाँ है इन उत्पादों का कोई स्वदेशी उत्पादन, यह उचित नहीं समझा उस समय तक नहीं तीन स्पर्श करने के लिए किया गया था. केवल एक बात को ध्यान में रखा जाना चाहिए कि ये केवल आवश्यकता की खातिर और नहीं एक लक्जरी आइटम या प्रतीक स्थिति के रूप में खरीदा जाना चाहिए. दूसरों पूछ स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने से पहले इसके अलावा, यह अपने आप से शुरू वांछित था. सबके ऊपर अंक पर सहमत हुए.
4. विदेशी होने के चाय: त्याग किया जाना चाहिए कि बहुत: अब कुछ दिन चाय के सवाल भी चर्चा के लिए आया था और कुछ स्वयंसेवकों का अनुरोध किया है कि डॉ. जी किस्सा जो वह पहले से संबंधित था दोहराने के लिए के बाद. डा. जी को बताया कि शहर की बात करने के लिए विदेशी चाय का परित्याग किया गया था और बात बहुत हवा में ज्यादा था. चिटनिस पार्क में एक सार्वजनिक बैठक इस मुद्दे पर आयोजित किया गया. वक्ताओं पूर्ण उत्साह में थे कि दर्शकों को चाय बागानों में श्रमिकों के साथ बुरा बर्ताव कर रहे हैं, और शिकारी को उन लोगों से काम लेने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं के रूप में हम जानवरों के साथ दुराचार देख कह रहा. खूनी धब्बे भी चाय के रंग के साथ मिश्रित हो - तो हम चाय, गुलामी, शोषण और बेरहम पिटाई का प्रतीक का परित्याग करना चाहिए. लोग मूड उच्च था और थे सख्ती रहकर ताली. ऐसा ही एक वक्ता पिछले दरवाजे से पास के एक चाय की दुकान में घुस और पूछा: Pandoba बापट, जल्दी से चाय के दो कप तैयार, तापमान उबलते में ... दुकान का मालिक, एक गंभीर आदमी भी था जनसभा में मौजूद है और वह आश्चर्यजनक रूप से कहा: . लेकिन साहब, आप अपने आप को बैठक है कि चाय के रंग ... इससे पहले Pandoba उसकी सजा खत्म कर सकता है, नेता stressfully कहा में कहा: Pandoba समय बर्बाद मत करो, मैं अभी तक इस मुद्दे पर अन्य सार्वजनिक बैठक में जाना हैऔर मेरे गले का सिर्फ दम घुट रहा है, प्लीज , जल्दी करो और तैयार चाय." स्वयंसेवकों को हंसी जोर से और इतने पर चाय असंभव प्रतिबंध का सवाल अब कभी नहीं करते थे.
5. स्वदेशी: अंदर और बाहर दोनों से: एक शाखा के पूरा होने के बाद और अधिक दिन, Dr.ji फिर बाल स्वयंसेवकों के साथ स्वदेशी का विषय के लिए शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि यह ठीक है कि हम स्वदेशी कपड़े, स्वदेशी उत्पादों और उपयोग करना चाहिए स्वदेशी टोपी (टोपी), लेकिन इनमें से केवल बाहरी चीजें हैं, नीचे सिर स्वदेशी स्वदेशी भी विचारों और आदर्शों के साथ पूरा किया जाना चाहिए टोपी. वहां स्वदेशी कपड़े के अंदर एक स्वदेशी प्यार दिल होना चाहिए. सभी स्वयंसेवकों इस विषय पर चर्चा शुरू कर दिया. एक ने कहा कि हम केवल खादी नहीं पहनते हैं, लेकिन शेक्सपियर और मिल्टन के मूल्य दे रही है देखने की अपनी बात का समर्थन करने के लिए भी कुछ पाखंडी है चाहिए, लेकिन कालिदास और भवभूति गर्व की भावना के साथ उद्धृत किया जाना चाहिए. डॉ. साहेब इस बात के लिए सिर हिलाया और कहा कि सब लोग अपनी संस्कृति, वेशभूषा और दर्शन में गर्व की भावना होनी चाहिए. लेकिन, उन्होंने कहा, हम भी अंग्रेजों के अच्छे गुण भी आत्मसात करना चाहिए. एक स्वयंसेवक ने इस मुद्दे पर एक सवाल उठाया है कि अंग्रेजी लोग ने हमें लूटा,  हमें गरीब और यहां तक ​​कि हमें ग़ुलाम बनाया: वहाँ क्या है उनसे सीख लो. डॉ. साहिब ने कहा कि हम उन लोगों से देशभक्ति की भावना सीखना चाहिए. वह एक किस्सा संबंधित: कि एक मुगल सम्राट की बेटी एक अंग्रेजी चिकित्सक द्वारा और कहा कि खतरनाक बीमारी का सफल इलाज के बाद इलाज किया गया था, सम्राट बहुत खुश हूँ कि उसे कहा था कि बदले में कुछ भी मांग थी. चिकित्सक ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए कुछ रियायतें के लिए कहा, जबकि उनके राज्य में सक्रिय है, लेकिन कोई भी व्यक्तिगत उपहार के लिए कभी नहीं पूछा.
6. व्यावहारिक दृष्टिकोण: चिकित्सक जी तो हमेशा जोर देकर एक व्यावहारिक दृष्टिकोण के रूप में दिन के लिए दिन के जीवन में स्वदेशी का संबंध है. दूसरों को, जो किसी भी स्थानीय भाषा भाषा नहीं जानते से बात करते हुए अंग्रेजी का प्रयोग एक वर्जित नहीं है, बल्कि हमारे अपने लोगों से बात करते हुए, हम गर्व के साथ हमारे स्वदेशी भाषाओं का प्रयोग करना चाहिए. हमें लगता है कि एक पैंट शर्ट पहने या नहीं, या नेकटाई गर्व और धोती कुर्ता और पगड़ी पहनने का एक संकेत है पिछड़ेपन का एक संकेत है चाहिए. इस मानसिक गुलामी शेयर और प्रति बैरल ताला त्याग दिया जाना चाहिए. तो, इन निरंतर चर्चाओं और persuasions के कारण, स्वदेशी डा. साहिब के समय में स्वयंसेवकों के लिए जीवन का एक रास्ता बन गया.

पुरानी स्वदेशी नज़्म

कोई वक़्त था जब लोकप्रिय कवि और उर्दू के शायर इस प्रकार की स्वदेशी नज़्मे गाते थे और क्रांतिकारी जेल की कोठरियों में इनको गुनगुनाते थे। आये किसी पुराने शायर की ये नज़्म पढ़ें

स्‍वदेशी तहरीक / तिलोक चंद महरूम

वतन के दर्दे-निहां की दवा स्‍वदेशी है
ग़रीब क़ौम की हाजत रवा स्‍वदेशी है 
2.
तमाम दहर[1] की रूहे-रवाँ[2] है यह तहरीक[3]
शरीके हुस्‍ने-अमल[4] जा ब जा स्‍वदेशी है
3.
क़रारे-ख़ातिरे-आशुफ़्ता[5] है फ़ज़ा इसकी
निशाने-मंजिले, सिदक़ो-सफ़ा[6] स्‍वदेशी है
4.
वतन से जिनको महब्‍बत नहीं वह क्‍या जानें 
कि चीज कौन विदेशी है क्‍या स्‍वदेशी है 
5.
इसी के साये में पाता है परवरिश इक़बाल
मिसाले-साय:-ए-बाले-हुमा स्‍वदेशी है 
6.
इसी ने ख़ाक को सोना बना दिया अक्‍सर
जहां में गर है कोई कीमिया स्‍वदेशी है 
7.
फ़ना के हाथ में है जाने-नातवाने-वतन 
बक़ा जो चाहो तो राज़े-बक़ा स्‍वदेशी है 
8.
हो अपने मुल्‍क की चीज़ों से क्‍यों हमें नफ़रत
हर एक क़ौम का जब मुद्दआ स्‍वदेशी है

शब्दार्थ: 1,↑ दुनिया ↑
2 प्राणवायु ↑ 
3आन्‍दोलन ↑
4 व्‍यावहारिकता ↑
5 बेक़रार दिल का क़रार ↑
6 पवित्रता ओर सत्‍य की मंजिल का निशान

list of issues of SJM

1.Issues list SJM

There are three types of subjects on which we work

1. INDIAN ECONOMIC ORDER OF PAST = 7 topics 2. Current topics ( 7 issues) 3. Issues concerning working of SJM (5 topics), PERMANENT TOPIC OR PROBLEMS, (4), DAYS TO BE CELEBRATED (7) 5. LOCAL PROBLEMS- (6). TOTAL= 36.
let us count the permanent issues. 1. Indian economic model of past. Wherein we take the topics of Ramrajya, shukracharya, kautilya's Arthshastra etc. As wells we can take the economic development in various fields prior to the advent of English company. Sh Ojha ji takes this topic very well in his speeches and I have got a copy of the speech with me. Moreover I have notes prepared from Sh Soni' book and perhaps delivered the lecture on this I n o ur OTCs. I have got new data from the book of Subhash wherein he asks was India a poor country or not and the example of FM,PM speeches in foreign countries. So it should be prepared well. HAMARA GAORAVSHALI ATEET, our GLORIOUS PAST.

2. Hind Swaraj and Ganthian economic philosophy. I have read this book well and delivered lectures on this topic at various levels, and attended the seminar in TN. I delivered lecture on this topic in the presence of Sh Datta ji in Jalandhar as well.Think every year on 2nd oct this issue should betaken. I should collect all the material on one place.
six attributes of Indian model: 1. Decentralised, 2. Village oriented, 3. poor-centric, Antyodayi, 4. Nature oriented or Eco-friendly 5. Employment generating ROJGAARONMUKHI, 6. Dharam-adharit or based on spiritual orientation.
3. We can also take the topic Economic p philosophy of Swami Vivekanand in this 150th Birth centenary
4. EKATAM MANAVAD OR INTEGRAL HUMANISM
5. THIRD WAY as propounded by Sh. DP Tengadi ji

6 . OTHER ECONOMIC THINKERS like Dharampal, Dadabhai Noaroji, Rammanohar Lohia, Ch. charan Singh and Ambedkar or some time called the TRIO - GANDHI ,LOHIA ,deendayal. economic thoughts of Swami Vivekanand.
7. Positive aspect of India like Natural Resources, Family system, Big internal Market, Natural entrepreneurship, English knowing big class,and heritage, Youth Power growing, Brain Gain in IT, Democracy and goodwill amongst other countries due to our role in their independence movements,as are written in our book

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SJM RELATED TOPICS:

1. General globalisation concept and history of Globalisation
2. Evolutionary Process of SJM. I have prepared short note on this topic.
3. Other successful experiments of concept of Swadeshi iin India and abroad. Not yet prepared. 
4. Organisational structure of SJM, and and seven points. ( prepared form)
5. 20 years of globalisation (two typed forms of Sh. Ashwani ji and Bhagwati ji.

CURRENT TOPICS:
1. WATER PRIVATISATION the topic I have prepared is the water policy 2012. It was just introduced in the sang baithak, but strangely enough it was not an easy job there. he introduced the topic amongst Parliamentarians ND AT TWO THREE places like Indor.

Though I have collected articles of Bhagwati and Two from The Hindu and one two from rediff. But quotations and the main 16 page draft should also be read along with it.
Importance of the subject is that it should be distributed on at least as much places as 250 where water pvt issue has been started. if we can think of a Yates on this count.

2. ENVIRONMENTAL ISSUE:
For the last three years I have been taking this issue in different OTCs, and this the issue sense taken at the birth anniversary program of DP Thengadi Memorial lecture in 2007. I prepared a wide note on this topic in the written and acceptable form also but more efforts are to be done on this topic.

3. THE RIVER ISSUE. We considered it a very important topic also and an all India seminar was done in Jamshedpur on this topic but I think no followup of this had been done.7.GANGA AND relat ed issues

4. Agriculture in India and abroad, organic farming, BT issues, seed Bill, BRAI,

4. INDIAN COWS,

5. Land Acquisition Act,
6. FDI IN RETAIL AND OTHER FDIs

PERMANENT PROBLEMS: 
1. Terrorism, fake currency
2. Chinese Threat,
3. poverty and inequality.,
4. Black money and Corruption,

LOCAL ISSUES!
1 Vedanta and POSCO, rengali right,
2. ski village, 
3" Una SEZ
4. plachmada
5. Turmeric,
6.yamuna
7.

IMPORTANT DAYS TO BE CELEBRATED:

1. 5th June environment day, 28th august, of Rajasthan 
2. Thengadiji birth and death annuversay ( nov 10-1920 to October 14, 2004)
3. 25 sept to 2nd oct, swadeshi saptah. 
4. 10 August videshi company Bharat chhodo, on the format of Anqgreji Bharat Chhodo
5. Babu genu Martyrdomday , 12 December
6.Bhopal tragedy day 3rd December 
There is a full list of INTERENATIONAL DAYS ini the guise of which we can take the issues I.e.internationals family day, ozone gas day, seed day, and the like.World
World JANUARY

Days in January 2012
04
World Braille Day 2012
FEBRUARY
World Days in February 2012
02
World Wetlands Day 2012
04
World Cancer Day 2012
05
World Nutella Day 2012
20
World Day of Social Justice 2012
21
International Mother Language Day 2012
22
World Thinking Day 2012
MARCH
World Days in March 2012 MARCH
07
World Maths Day 2012
08
International Womens Day 2012
22
World Water Day 2012
24
World Tuberculosis Day 2012
31
Earth Hour 2012
APRIL

World Days in April 2012
01
International Tatting Day 2012
02
World Pillow Fight Day 2012
03
World Party Day 2012
07
World Health Day 2012
11
World Parkinson's Day 2012
17
World Hemophilia Day 2012
22
Earth Day 2012
23
World Book and Copyright Day 2012
MAY
World Days in May 2012
01
World Asthma Day 2012 and International Labor Day 2012
03
World Press Freedom Day 2012
04
International Firefighters Day 2012
05
World Athletics Day 2012
08
World Red Cross Day 2012
10
World Lupus Day 2012
12
International Nurses Day 2012 and International CFS Awareness Day
15
International Day of Families 2012
17
World Telecommunication Day 2012
19
World Hepatitis Day 2012
21 WORLD YOGA DIVAS..
World Anti Terrorism Day 2012
22
International Day for Biodiversity 2012 and International Day for Biological Diversity 2012
23
World Turtle Day 2012
25
World Meteorological Day 2012
31
World No Tobacco Day 2012
JUNE
World Days in June 2012
01
International Childrens Day 2012
04
International Day of Innocent Children Victims of Aggression and World Naturist Day 2012
05
World Environment Day 2012
08
World Ocean Day 2012
14
World Blood Donor Day 2012
19
World Sauntering Day 2012 and World Sickle Cell Day 2012
20
World Refugee Day 2012
21
World Music Day 2012
23
International Olympic Day 2012
26
International Anti Drugs Day 2012
JULY

World Days in July 2012
01
International Joke Day 2012
02
World Sports Journalists Day and World UFO Day 2012
06
World Zoonosis Day
07
International Day of Cooperatives 2012
11
World Population Day 2012
AUGUST DAYS
World Days in August 2012
12
International Youth Day 2012
13
International Left Handers Day 2012
SEPTEMBER

World Days in September 2012
08
International Literacy Day 2012
13
World Kindness Day 2012
15
International Day of Democracy 2012 and World Lymphoma Awareness Day 2012
19
International Talk Like a Pirate Day 2012
21
International Peace Day 2012 and World Gratitude Day 2012
22
World Maritime Day 2012
24
World Heart Day 2012
27
World Tourism Day 2012
OCTOBER
World Days in October 2012
and World Vegetarian Day 2012 and World Habitat Day 2012
02
World Farm Animal Day 2012
04
World Animal Day 2012 and 
05
World Teachers Day 2012
07
International Day for Older Persons 2012
09

10
World Mental Health Day 2012 
12
International Day for Natural Disaster Reduction 2012
15
World Handwashing Day 2012
16
UN World Food Day 2012
17
International Day For Eradication Of Poverty 2012
20
International Osteoporosis Day 2012
23
UN Disarmament Week 2012
24
World Development Information Day 2012

31
World Savings Day 2012

NOVEMBEर
14
World Diabetes Day 2012

19
World Toilet Day 2012 and 2012
2012 and Universal Children Day 20
DECEMBER DAY
World Days in December 2012
01
World Aids Day 2012
02
International Day for the Abolition of Slavery 2012
03
International Day of Disabled Persons 2012
07

09
International Anti Corruption Day 2012
10
Human Rights Day 2012
11
International Mountain Day 2012
13
World Violin Day
18
International Migrants Day 2012