पालकी शर्मा ने सिर्फ 10 मिनट की वीडियो में बहुत सारी बातें अपनी स्टोरी बनाने के बारे में कहीं और मैं इसको नैरेटिव सेटिंग्स या विमर्श के दृष्टि से देख रहा हूं। पालकी शर्मा ने सिर्फ 10 मिनट की वीडियो में बहुत सारी बातें अपनी स्टोरी बनाने के बारे में कहीं और मैं इसको नैरेटिव सेटिंग्स या विमर्श के दृष्टि से देख रहा हूं। पालकी शर्मा ने सिर्फ 10 मिनट की वीडियो में बहुत सारी बातें अपनी स्टोरी बनाने के बारे में कहीं और मैं इसको नैरेटिव सेटिंग्स या विमर्श के दृष्टि से देख रहा हूं।
1. सबसे पहले वह बात शुरू करती है माइंड the gapएप जो कि हम आमतौर पर मेट्रो स्टेशन पर बार-बार सुनते हैं। उसका कहना है की इस दूरी को पहचानना सिर्फ मेट्रो स्टेशन पर चढ़ते उतरते हुए ही नहीं होता बल्कि जीवन में भी होता है, और पत्रकारिता के जीवन में उसने इस गैप को पाटने की कोशिश की है यह मेरे जीवन की स्टोरी ही। परन्तु आपके जीवन की क्या स्टोरी है? आप भी सोचिये। उस स्टोरी के बारे में सोचिये जो जीवन में आगे जाकर अपने बच्चों को सुनना चाहेंगे। क्यामात्र यही बताना चाहेंगे कि मैंने जीवन में यह काम समय पर किया वह काम समय पर किया यह उछल कूद कि वह कमाया है वह खोया आधी आधी या इससे उनसे जाकर जितने कुछ और प्रेरक जीवनी अपनी सुनाना चाहेंगे। जो जीवनी आप वहां सुनाना चाहेंगे उसको आज से ही लिखना शुरू करें सोचना शुरू करें उस पर अमल करना शुरू करें ताकि वो आपकी जीवन की सच्ची कहानी बन जाएगी। क्योंकि यह दुनिया एक कहानी के आधार पर ही चलती है और कहानी की एक ऐसी चीज है जो दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण है।
2. पहले कहा जाता था कि अगर आपने लोगों को मारना है तो उनके पानी को जहरीला कर दीजिए परंतु आजकल एक नाइजीरियन लेखक बेन Ben Okri कहते हैं अगर आपने किसी देश को मारना है तो उनकी कहानी को ही जहरीला कर दीजिए। क्योंकि जैसी कहानी होती है उसी के आधार पर लोगों का विमर्श बनती है सरकार की नीतियां बनती है, पॉलिटिक्स बनती है। पैसा दिया जाता है और वैसा देश बना दिया जाता है। वह कहानी सुनाती है कि किस प्रकार से विश्व युद्ध द्वितीय में कोटा शहर पर बमबारी होनी थी परंतु उसकी जगह किसी और जगह कहीं क्योंकि जो बड़ा ऑफिसर सेक्रेटरी ऑफ वार हेनरी Stimson इसकी रचना कर रहा था वह स्वयं कभी अपना अपना हनीमून मनाने के लिए Queta शहर गया था और उसकी सुंदरता उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की कथाएँ,बउसके दिमाग में घर कर गई थी। इसलिए वे उस शहर को नष्ट नहीं करना चाहता था उसकी जगह दूसरे शहर को कर दिया गया, नागासाकी। वास्तव में पूरी दुनिया कहानी के आधार पर ही चलती है व्यक्ति की भी कहानी होती है शहर की भी कहानी होती है देश और सभ्यता की भी कहानी होती है।
3. वह कहती है कि हमारे देश की अपनी स्टोरी क्या है। जिस देश के अंदर महाभारत और रामायण जैसे एपिक लिखे गए हो उसकी स्टोरी अपने शब्दों में दुनिया को बताने की कोई व्यवस्था नहीं है। जब भी न्यू यार टाइम कोई स्टोरी लिखता है भारत के बारे में तो यहां के सब लोग उसको चाटने लग जाते हैं उस पर चटकारे देते हैं उस पर कमेंट करते हैं। यदि हम ट्विटर पर उसका विरोध भी करते हैं तो भी हम उसी को चूसते हैं चाटते हैं। कश्मीर की कोई घटना होती है तो भारत के अखबार क्या लिखते हैं इसका कोई महत्व नहीं होता है। बीबीसी और अल जजीरा यह क्या बोलते हैं वह चर्चा का विषय करते हैं। यह पहला कैब था जो उसने महसूस किया कि इसे भरना चाहिए और उनकी ग्रेविटा नाम की जो न्यूज़ एजेंसी है वह इस गैप को भरने की कोशिश कर रही है।
4. दूसरी बात को कहती है कि हमारे यहां पर कथा और कथाकार का बड़ा महत्व है विराम वह कथा हम कई बार सुन चुके हैं लेकिन फिर बार-बार सुनना चाहते हैं किसी अच्छे कथाकार से। कथाकार की शैली कथाकार के कथन का अपना महत्व होता है कथा का उतना नहीं होता है ऐसा भारत नहीं जानते।
5. इसलिए जो जो किसे घिसेपिटे तरीके पत्रकारों के हैं उस ग्रुप को भी भरने की कोशिश की गई है। उसका एक कारण हम आसपास के गुरुत्वाकर्षण से चिपके रहते हैं।5 तरह के आप गुरुत्वाकर्षण होते हैं। यह गुरुत्वाकर्षण हम को संभाले रखते हैं परंतु हम को उड़ने भी नहीं देते हैं। पहला पहला गुरुत्वाकर्षण और व्यक्ति सोचता है यह मैं कैसे कर पाऊंगा आज तक तो कुछ हुआ नहीं अचानक क्या हो जाएगा तो वह इसी ग्रेविटी में खत्म हो जाता है। दूसरी ग्रेविटी कंपनी की ग्रेविटी होती है। यहां कुछ नया नहीं हो सकता या यह ऐसे ही चलता है यह सोच कर कि हम कोई परिवर्तन नहीं करना चाहते। तीसरा मार्केट का यह इंडस्ट्री की अपनी ग्रेविटी होती है। पत्रकारिता में इसी प्रकार से चलता है हम कहते हैं। बीच-बीच में एडवर्टाइजमेंट होनी ही चाहिए। एक ही बात को बार-बार कहा जाए यह किया जाता है। जितना अधिक समय कोई स्टोरी लेंगे उतनी महत्वपूर्ण हो जाएगी। क्यों नहीं हम लोगों के समय का महत्व जानते हैं क्यों नहीं हम लोगों की बुद्धिमत्ता को सम्मान देते हैं इसलिए छोटे से छोटी चीज में और बिना उज्जैनी चा भूले किस प्रकार से हम आगे बढ़ सकते हैं यह दूसरा कैप हमने फिर करने की कोशिश की। चौथा के समाज का क्या होता है और इस समाज में कुछ इससे अधिक नहीं हो सकता ऐसा हम सोचते हैं और बस जाते हैं। हिंदुस्तान में जुगाड़ से कम चलाने को प्रसिद्ध हो गए हैं। इसलिए हमने अपने चालन का नाम ही ग्रेविटी रखा।
2000 वर्ष पूर्व हरीश टोटल ने कथा कहने के 5 नियम बताए थे नंबर 1 है ethos अर्थात कहानी के अंदर सत्यता होनी चाहिए उसकी अथॉरिटी होनी चाहिए । आपको इसका एक्सपर्ट माना जाना चाहिए। दूसरा LOGOS अर्थात तर्क व लॉजिक होना चाहिए, तथ्य होने चाहिए। पाथोज तीसरा अर्थात इसमें भावना होनी चाहिए। हृदय को छुए। चौथा metaphor अर्थात समझाने के लिए जीवंत तुलनाएं, parables होने चाहिए। पांचवा, संक्षिप्तता,अर्थात छोटे वाक्य हो, वाक्यों में दम हों, तुरंत समझ में आएं।
अंत में वह एक कथा जो बचपन में उपस्थित थे अग्ली डकलिंग की सुनाती है। वह क्योंकि अन्य बतखों डक्स के साथ रहती, लेकिन उन जैसा परन्तु उनसे खराब मानती है। रकदिन वह हंसों को देखकर समजब जाती है कि मेरी प्रजाति अलग है, सुर ऊंची उड़ान भर्ती है।
1. सबसे पहले वह बात शुरू करती है माइंड the gapएप जो कि हम आमतौर पर मेट्रो स्टेशन पर बार-बार सुनते हैं। उसका कहना है की इस दूरी को पहचानना सिर्फ मेट्रो स्टेशन पर चढ़ते उतरते हुए ही नहीं होता बल्कि जीवन में भी होता है, और पत्रकारिता के जीवन में उसने इस गैप को पाटने की कोशिश की है यह मेरे जीवन की स्टोरी ही। परन्तु आपके जीवन की क्या स्टोरी है? आप भी सोचिये। उस स्टोरी के बारे में सोचिये जो जीवन में आगे जाकर अपने बच्चों को सुनना चाहेंगे। क्यामात्र यही बताना चाहेंगे कि मैंने जीवन में यह काम समय पर किया वह काम समय पर किया यह उछल कूद कि वह कमाया है वह खोया आधी आधी या इससे उनसे जाकर जितने कुछ और प्रेरक जीवनी अपनी सुनाना चाहेंगे। जो जीवनी आप वहां सुनाना चाहेंगे उसको आज से ही लिखना शुरू करें सोचना शुरू करें उस पर अमल करना शुरू करें ताकि वो आपकी जीवन की सच्ची कहानी बन जाएगी। क्योंकि यह दुनिया एक कहानी के आधार पर ही चलती है और कहानी की एक ऐसी चीज है जो दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण है।
2. पहले कहा जाता था कि अगर आपने लोगों को मारना है तो उनके पानी को जहरीला कर दीजिए परंतु आजकल एक नाइजीरियन लेखक बेन Ben Okri कहते हैं अगर आपने किसी देश को मारना है तो उनकी कहानी को ही जहरीला कर दीजिए। क्योंकि जैसी कहानी होती है उसी के आधार पर लोगों का विमर्श बनती है सरकार की नीतियां बनती है, पॉलिटिक्स बनती है। पैसा दिया जाता है और वैसा देश बना दिया जाता है। वह कहानी सुनाती है कि किस प्रकार से विश्व युद्ध द्वितीय में कोटा शहर पर बमबारी होनी थी परंतु उसकी जगह किसी और जगह कहीं क्योंकि जो बड़ा ऑफिसर सेक्रेटरी ऑफ वार हेनरी Stimson इसकी रचना कर रहा था वह स्वयं कभी अपना अपना हनीमून मनाने के लिए Queta शहर गया था और उसकी सुंदरता उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की कथाएँ,बउसके दिमाग में घर कर गई थी। इसलिए वे उस शहर को नष्ट नहीं करना चाहता था उसकी जगह दूसरे शहर को कर दिया गया, नागासाकी। वास्तव में पूरी दुनिया कहानी के आधार पर ही चलती है व्यक्ति की भी कहानी होती है शहर की भी कहानी होती है देश और सभ्यता की भी कहानी होती है।
3. वह कहती है कि हमारे देश की अपनी स्टोरी क्या है। जिस देश के अंदर महाभारत और रामायण जैसे एपिक लिखे गए हो उसकी स्टोरी अपने शब्दों में दुनिया को बताने की कोई व्यवस्था नहीं है। जब भी न्यू यार टाइम कोई स्टोरी लिखता है भारत के बारे में तो यहां के सब लोग उसको चाटने लग जाते हैं उस पर चटकारे देते हैं उस पर कमेंट करते हैं। यदि हम ट्विटर पर उसका विरोध भी करते हैं तो भी हम उसी को चूसते हैं चाटते हैं। कश्मीर की कोई घटना होती है तो भारत के अखबार क्या लिखते हैं इसका कोई महत्व नहीं होता है। बीबीसी और अल जजीरा यह क्या बोलते हैं वह चर्चा का विषय करते हैं। यह पहला कैब था जो उसने महसूस किया कि इसे भरना चाहिए और उनकी ग्रेविटा नाम की जो न्यूज़ एजेंसी है वह इस गैप को भरने की कोशिश कर रही है।
4. दूसरी बात को कहती है कि हमारे यहां पर कथा और कथाकार का बड़ा महत्व है विराम वह कथा हम कई बार सुन चुके हैं लेकिन फिर बार-बार सुनना चाहते हैं किसी अच्छे कथाकार से। कथाकार की शैली कथाकार के कथन का अपना महत्व होता है कथा का उतना नहीं होता है ऐसा भारत नहीं जानते।
5. इसलिए जो जो किसे घिसेपिटे तरीके पत्रकारों के हैं उस ग्रुप को भी भरने की कोशिश की गई है। उसका एक कारण हम आसपास के गुरुत्वाकर्षण से चिपके रहते हैं।5 तरह के आप गुरुत्वाकर्षण होते हैं। यह गुरुत्वाकर्षण हम को संभाले रखते हैं परंतु हम को उड़ने भी नहीं देते हैं। पहला पहला गुरुत्वाकर्षण और व्यक्ति सोचता है यह मैं कैसे कर पाऊंगा आज तक तो कुछ हुआ नहीं अचानक क्या हो जाएगा तो वह इसी ग्रेविटी में खत्म हो जाता है। दूसरी ग्रेविटी कंपनी की ग्रेविटी होती है। यहां कुछ नया नहीं हो सकता या यह ऐसे ही चलता है यह सोच कर कि हम कोई परिवर्तन नहीं करना चाहते। तीसरा मार्केट का यह इंडस्ट्री की अपनी ग्रेविटी होती है। पत्रकारिता में इसी प्रकार से चलता है हम कहते हैं। बीच-बीच में एडवर्टाइजमेंट होनी ही चाहिए। एक ही बात को बार-बार कहा जाए यह किया जाता है। जितना अधिक समय कोई स्टोरी लेंगे उतनी महत्वपूर्ण हो जाएगी। क्यों नहीं हम लोगों के समय का महत्व जानते हैं क्यों नहीं हम लोगों की बुद्धिमत्ता को सम्मान देते हैं इसलिए छोटे से छोटी चीज में और बिना उज्जैनी चा भूले किस प्रकार से हम आगे बढ़ सकते हैं यह दूसरा कैप हमने फिर करने की कोशिश की। चौथा के समाज का क्या होता है और इस समाज में कुछ इससे अधिक नहीं हो सकता ऐसा हम सोचते हैं और बस जाते हैं। हिंदुस्तान में जुगाड़ से कम चलाने को प्रसिद्ध हो गए हैं। इसलिए हमने अपने चालन का नाम ही ग्रेविटी रखा।
2000 वर्ष पूर्व हरीश टोटल ने कथा कहने के 5 नियम बताए थे नंबर 1 है ethos अर्थात कहानी के अंदर सत्यता होनी चाहिए उसकी अथॉरिटी होनी चाहिए । आपको इसका एक्सपर्ट माना जाना चाहिए। दूसरा LOGOS अर्थात तर्क व लॉजिक होना चाहिए, तथ्य होने चाहिए। पाथोज तीसरा अर्थात इसमें भावना होनी चाहिए। हृदय को छुए। चौथा metaphor अर्थात समझाने के लिए जीवंत तुलनाएं, parables होने चाहिए। पांचवा, संक्षिप्तता,अर्थात छोटे वाक्य हो, वाक्यों में दम हों, तुरंत समझ में आएं।
अंत में वह एक कथा जो बचपन में उपस्थित थे अग्ली डकलिंग की सुनाती है। वह क्योंकि अन्य बतखों डक्स के साथ रहती, लेकिन उन जैसा परन्तु उनसे खराब मानती है। रकदिन वह हंसों को देखकर समजब जाती है कि मेरी प्रजाति अलग है, सुर ऊंची उड़ान भर्ती है।
1. सबसे पहले वह बात शुरू करती है माइंड the gapएप जो कि हम आमतौर पर मेट्रो स्टेशन पर बार-बार सुनते हैं। उसका कहना है की इस दूरी को पहचानना सिर्फ मेट्रो स्टेशन पर चढ़ते उतरते हुए ही नहीं होता बल्कि जीवन में भी होता है, और पत्रकारिता के जीवन में उसने इस गैप को पाटने की कोशिश की है यह मेरे जीवन की स्टोरी ही। परन्तु आपके जीवन की क्या स्टोरी है? आप भी सोचिये। उस स्टोरी के बारे में सोचिये जो जीवन में आगे जाकर अपने बच्चों को सुनना चाहेंगे। क्यामात्र यही बताना चाहेंगे कि मैंने जीवन में यह काम समय पर किया वह काम समय पर किया यह उछल कूद कि वह कमाया है वह खोया आधी आधी या इससे उनसे जाकर जितने कुछ और प्रेरक जीवनी अपनी सुनाना चाहेंगे। जो जीवनी आप वहां सुनाना चाहेंगे उसको आज से ही लिखना शुरू करें सोचना शुरू करें उस पर अमल करना शुरू करें ताकि वो आपकी जीवन की सच्ची कहानी बन जाएगी। क्योंकि यह दुनिया एक कहानी के आधार पर ही चलती है और कहानी की एक ऐसी चीज है जो दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण है।
2. पहले कहा जाता था कि अगर आपने लोगों को मारना है तो उनके पानी को जहरीला कर दीजिए परंतु आजकल एक नाइजीरियन लेखक बेन Ben Okri कहते हैं अगर आपने किसी देश को मारना है तो उनकी कहानी को ही जहरीला कर दीजिए। क्योंकि जैसी कहानी होती है उसी के आधार पर लोगों का विमर्श बनती है सरकार की नीतियां बनती है, पॉलिटिक्स बनती है। पैसा दिया जाता है और वैसा देश बना दिया जाता है। वह कहानी सुनाती है कि किस प्रकार से विश्व युद्ध द्वितीय में कोटा शहर पर बमबारी होनी थी परंतु उसकी जगह किसी और जगह कहीं क्योंकि जो बड़ा ऑफिसर सेक्रेटरी ऑफ वार हेनरी Stimson इसकी रचना कर रहा था वह स्वयं कभी अपना अपना हनीमून मनाने के लिए Queta शहर गया था और उसकी सुंदरता उसकी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत की कथाएँ,बउसके दिमाग में घर कर गई थी। इसलिए वे उस शहर को नष्ट नहीं करना चाहता था उसकी जगह दूसरे शहर को कर दिया गया, नागासाकी। वास्तव में पूरी दुनिया कहानी के आधार पर ही चलती है व्यक्ति की भी कहानी होती है शहर की भी कहानी होती है देश और सभ्यता की भी कहानी होती है।
3. वह कहती है कि हमारे देश की अपनी स्टोरी क्या है। जिस देश के अंदर महाभारत और रामायण जैसे एपिक लिखे गए हो उसकी स्टोरी अपने शब्दों में दुनिया को बताने की कोई व्यवस्था नहीं है। जब भी न्यू यार टाइम कोई स्टोरी लिखता है भारत के बारे में तो यहां के सब लोग उसको चाटने लग जाते हैं उस पर चटकारे देते हैं उस पर कमेंट करते हैं। यदि हम ट्विटर पर उसका विरोध भी करते हैं तो भी हम उसी को चूसते हैं चाटते हैं। कश्मीर की कोई घटना होती है तो भारत के अखबार क्या लिखते हैं इसका कोई महत्व नहीं होता है। बीबीसी और अल जजीरा यह क्या बोलते हैं वह चर्चा का विषय करते हैं। यह पहला कैब था जो उसने महसूस किया कि इसे भरना चाहिए और उनकी ग्रेविटा नाम की जो न्यूज़ एजेंसी है वह इस गैप को भरने की कोशिश कर रही है।
4. दूसरी बात को कहती है कि हमारे यहां पर कथा और कथाकार का बड़ा महत्व है विराम वह कथा हम कई बार सुन चुके हैं लेकिन फिर बार-बार सुनना चाहते हैं किसी अच्छे कथाकार से। कथाकार की शैली कथाकार के कथन का अपना महत्व होता है कथा का उतना नहीं होता है ऐसा भारत नहीं जानते।
5. इसलिए जो जो किसे घिसेपिटे तरीके पत्रकारों के हैं उस ग्रुप को भी भरने की कोशिश की गई है। उसका एक कारण हम आसपास के गुरुत्वाकर्षण से चिपके रहते हैं।5 तरह के आप गुरुत्वाकर्षण होते हैं। यह गुरुत्वाकर्षण हम को संभाले रखते हैं परंतु हम को उड़ने भी नहीं देते हैं। पहला पहला गुरुत्वाकर्षण और व्यक्ति सोचता है यह मैं कैसे कर पाऊंगा आज तक तो कुछ हुआ नहीं अचानक क्या हो जाएगा तो वह इसी ग्रेविटी में खत्म हो जाता है। दूसरी ग्रेविटी कंपनी की ग्रेविटी होती है। यहां कुछ नया नहीं हो सकता या यह ऐसे ही चलता है यह सोच कर कि हम कोई परिवर्तन नहीं करना चाहते। तीसरा मार्केट का यह इंडस्ट्री की अपनी ग्रेविटी होती है। पत्रकारिता में इसी प्रकार से चलता है हम कहते हैं। बीच-बीच में एडवर्टाइजमेंट होनी ही चाहिए। एक ही बात को बार-बार कहा जाए यह किया जाता है। जितना अधिक समय कोई स्टोरी लेंगे उतनी महत्वपूर्ण हो जाएगी। क्यों नहीं हम लोगों के समय का महत्व जानते हैं क्यों नहीं हम लोगों की बुद्धिमत्ता को सम्मान देते हैं इसलिए छोटे से छोटी चीज में और बिना उज्जैनी चा भूले किस प्रकार से हम आगे बढ़ सकते हैं यह दूसरा कैप हमने फिर करने की कोशिश की। चौथा के समाज का क्या होता है और इस समाज में कुछ इससे अधिक नहीं हो सकता ऐसा हम सोचते हैं और बस जाते हैं। हिंदुस्तान में जुगाड़ से कम चलाने को प्रसिद्ध हो गए हैं। इसलिए हमने अपने चालन का नाम ही ग्रेविटी रखा।
2000 वर्ष पूर्व हरीश टोटल ने कथा कहने के 5 नियम बताए थे नंबर 1 है ethos अर्थात कहानी के अंदर सत्यता होनी चाहिए उसकी अथॉरिटी होनी चाहिए । आपको इसका एक्सपर्ट माना जाना चाहिए। दूसरा LOGOS अर्थात तर्क व लॉजिक होना चाहिए, तथ्य होने चाहिए। पाथोज तीसरा अर्थात इसमें भावना होनी चाहिए। हृदय को छुए। चौथा metaphor अर्थात समझाने के लिए जीवंत तुलनाएं, parables होने चाहिए। पांचवा, संक्षिप्तता,अर्थात छोटे वाक्य हो, वाक्यों में दम हों, तुरंत समझ में आएं।
अंत में वह एक कथा जो बचपन में उपस्थित थे अग्ली डकलिंग की सुनाती है। वह क्योंकि अन्य बतखों डक्स के साथ रहती, लेकिन उन जैसा परन्तु उनसे खराब मानती है। रकदिन वह हंसों को देखकर समजब जाती है कि मेरी प्रजाति अलग है, सुर ऊंची उड़ान भर्ती है।
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